मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

Liver Function Test (LFT)

Liver Function Test (LFT) क्या है? क्यों कराया जाता है और रिपोर्ट कैसे समझें? Introduction (परिचय): हमारा लिवर (जिगर) शरीर का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग है जो खाना पचाने, ऊर्जा जमा करने और शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। अगर लिवर में थोड़ी भी गड़बड़ी हो, तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। लिवर की सेहत को जांचने के लिए जो ब्लड टेस्ट किया जाता है, उसे Liver Function Test (LFT) कहते हैं। आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे कि LFT क्या है, इसमें कौन-कौन से टेस्ट शामिल होते हैं और इसकी रिपोर्ट को कैसे समझा जाए। 1. Liver Function Test (LFT) क्या है? LFT खून की जाँचों का एक समूह (panel) है जो यह बताता है कि आपका लिवर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं। यह टेस्ट खून में लिवर द्वारा बनाए जाने वाले एंजाइम (Enzymes) और प्रोटीन (Proteins) के स्तर को मापता है। 2. LFT में कौन-कौन से टेस्ट शामिल होते हैं? LFT प्रोफाइल में मुख्य रूप से ये 5-6 पैरामीटर चेक किए जाते हैं: Bilirubin (बिलीरुबिन): यह रेड ब्लड सेल्स के टूटने से बनता है। अगर इसका लेवल ज्यादा है, तो यह पीलिया (Jaundice) का संकेत हो सकता है। (इसमें Total, Direct और Indirect Bilirubin देखा जाता है)। SGPT (ALT): यह एक एंजाइम है जो मुख्य रूप से लिवर में पाया जाता है। जब लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है (जैसे वायरल हेपेटाइटिस में), तो इसका लेवल बढ़ जाता है। SGOT (AST): यह भी एक एंजाइम है जो लिवर के साथ-साथ दिल और मांसपेशियों में भी होता है। लिवर डैमेज होने पर यह खून में मिल जाता है। Alkaline Phosphatase (ALP): यह एंजाइम लिवर और हड्डियों से जुड़ा होता है। अगर पित्त की नली (Bile Duct) में रुकावट हो, तो इसका लेवल बढ़ जाता है। Total Protein & Albumin: लिवर प्रोटीन बनाता है। अगर एल्ब्यूमिन (Albumin) का लेवल कम है, तो इसका मतलब है कि लिवर अपना काम सही से नहीं कर पा रहा है या शरीर में पोषण की कमी है। 3. यह टेस्ट कब कराया जाता है? (लक्षण) डॉक्टर आपको LFT कराने की सलाह तब देते हैं जब उन्हें लिवर की बीमारी का शक हो। इसके लक्षण हो सकते हैं: आँखों या त्वचा का पीला पड़ना (Jaundice)। पेट में दर्द या सूजन। पेशाब का रंग गहरा पीला होना। बहुत ज्यादा थकान महसूस होना। जी मिचलाना या उल्टी आना। अगर कोई व्यक्ति ज्यादा शराब का सेवन करता है, तो रूटीन चेकअप के लिए। 4. टेस्ट से पहले तैयारी (Preparation) आमतौर पर LFT के लिए 8 से 10 घंटे की फास्टिंग (खाली पेट) की सलाह दी जाती है, ताकि रिपोर्ट एकदम सटीक आए। हालांकि, कुछ लैब में इसे बिना फास्टिंग के भी किया जाता है, लेकिन बेहतर यही है कि आप सुबह खाली पेट ही सैंपल दें। 5. रिपोर्ट कैसे समझें? (Normal Ranges) हर लैब की मशीन और मेथड के हिसाब से नॉर्मल रेंज थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है, लेकिन एक सामान्य रेंज (Adults के लिए) कुछ इस प्रकार होती है: Bilirubin (Total): 0.1 to 1.2 mg/dL SGPT (ALT): 7 to 55 U/L SGOT (AST): 8 to 48 U/L Alkaline Phosphatase (ALP): 40 to 129 U/L (नोट: अपनी रिपोर्ट की सही जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर या पैथोलॉजिस्ट से सलाह लें।) निष्कर्ष (Conclusion) लिवर हमारे शरीर का "पावर हाउस" है। सही समय पर जाँच और इलाज से लिवर की बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण दिखें, तो अपना LFT जरूर करवाएं।

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